."जज की हठधर्मिता"ये मामला क्या है ?राष्ट्र्रीय समाज सेवा समिति {जो संत केअनुयायिओं केद्वारा गठित की गयी है } के द्वारा तीनकिताबेलिखी गयी 1. सच बनाम झूठ, 2. न्यायालयकी गिरती गरिमा,3. भ्रष्ट जज कुमार्ग पर, जिनमे भर्स्टजजो की पोलखोली गयी है ! सबूत-प्रमाण सहित इनकेभरस्टाचारको उजागर किया गया ! तथा इनपुस्तकों को समाज मेंवितरित किया गया ,जिससे चिढ़कर इन जजो ने एकसाजिसहिसार के भर्स्ट वकीलों के साथ मिलकर रची !सितमबरको हिसार में संत की वीडियो कॉन्फ्रेंसद्वारा हिसार मेंपेशी थी ! इसी साजिस के तहत उस दिनवकीलों केकोर्ट सेसामूहिक अवकास लेने के बावजूद संत के साथवकीलों नेबदतमीजी की ! और इनके अनुयायिओं के साथ झड़पहो गयी!इसी को टारगेट बनाकर जजो और वकीलों ने मिलकरसंत औरराष्ट्र्रीय समाज सेवा समिति पर हाईकोर्टने "अवमानना"का केस बना दिया ! और संत व राष्ट्र्रीयसमाजसेवा समिति को तंग करने के लिए हर पांच-सातदिनों के बादपेशी पर पेशी लगाना शुरू कर दिया ! पांचनवंबर को संतजी का डाक्टरी सर्टिफिकेट लगा दिया गया औरराष्ट्र्रीयसमाज सेवा समिति की कार्यकारिणी जज केसामने पेश हुयी !जज ने लताड़ लगाते हुए कहा की 'मुझेबुलाना आता है" पुलिसके DGP को सख्त हिदायतकी 'किसी भी हालातो में संतको 10 नवंबर को पेस करो" हिसार के पुलिशप्रमुख की देख -रेख में पंद्रह डॉक्टर्स की टीम {जिसमेसरकारी और प्रमुखप्राइवेट डॉक्टर भी थे } ने संत की जांचकी और पाया की संतचलने -फिरने और बोलने में असमर्थ हैं औरसर्टिफिकेट बनाकरहाईकोर्ट में पेस कर दिया ! और राष्ट्र्रीयसमाजसेवा समिति के परधान और कारियकारिणी को जजने छूट देदी ! पर डीजीपी को लताड़ लगाते हुएकहा की "मेंनही मानता इस सर्टिफिकेट को रामपाल को 17नवंबर को पेसकरो चाहे किसी बँकर में भी छुपा हो " इसपर्कार के हुक्मजारी करने के दो विशेस कारण हैं :- एक -इनकेखिलाफछपी तीन किताबे 1. सच बनाम झूठ, 2. न्यायालयकी गिरती गरिमा, 3. भ्रष्ट जज कुमार्ग पर,दो पूर्वमुख्यमंत्री हुड्डा को अपनी स्वामी भगति दिखाना !क्यूंकि जिस जज ने संत रामपाल के खिलाफ जूठेकेशो में संतको अधिक तंग किया उसी जज को पूर्वमुख्यमंत्री की तरफसे "विशेस" लाभ मिला ! परन्तु अब समय बदलचूका है !संतो का सम्मान करने वाली सरकार आ चुकी हैअब हुड्डा केचमचो की दाल गलने वाली नही है ! इस सरकार सेहमे उम्मीदहै संत के खिलाफ सभी केशो की एक एसआईटी गठितकरकेजांच की जायेगी ! जो जल्दी से जल्दी दूधका दूध औरपानी का पानी कर दे गी खैर ..........................अब आप ही बताइये बात का बतंगड़ किसने बनाया ?अपनी नाक का सवाल क्यों बना लिया जज ने ?क्या इस जजकी हठ धर्मिता के कारण सरकार और आश्रमका करोड़ो रूपयेनुकशान नही हुआ ? डॉक्टरों के प्रमाणित करदेने के बावजूदसंत को बुलाना निजी खुंदक नही है क्या ?अपने पिता स्वरूपगुरु की रक्ष्याऔर सुरक्षा करना जुर्म हैक्या ? हमारे खिलाफइस पर्कार की कार्रवाई निजी खुंदकनही तो और क्या है ?किसी वकील के साथ हाथापाई के केश मेंकिसी के साथऐसा हुआ है क्या ? इस केसको मिडिया द्वारा और इस जज नेइतनी हवा दी की पूरी सरकार लाखो निर्दोसजनता को खतरे मेंड़ाल दिया ? हम या हमारे गुरु आंतकवादी हैंक्या ? हमविदेशी हैं क्या ? हमे अपनी जान को खतरे मेंडालकर भी एकजज की हठधर्मिता को सलाम करना जरूरी हैक्या ? औरभी बहुत से सवाल हैं जिनका जवाब जरूरी है औरपर जवाबकभी मिल पायेगा क्या ?
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