पढौगे ध्यान से तो मजे आएगे जी ----युग पुरष संत शिरोमणी कबीर साहेब ने कहा हे-
हम एक से हि अनेक हुए हे,ओर जब हम उस एक परमात्मा को जान जाएगे तब एक ही के पास जाएगे।
ओर इस संसार सागर से तारने वाले बस एक ही हें, सतगुरू _ रामपाल जी साहेब_ जो इस सच्चाई को जान जाएगे वे भव सागर से तर जाएगे।
साहेब नाम हे तारनहारा,इस मे जीवन का सुख सारा,
कोई जाने हे जानन वाला,हमे मिल जाएगा किनारा, मेरा साहेब हे सब का सहारा।
जीस सुख को मुनीवर रटे, सुर नर करे विलाप, वह सुख सहज ही पाईए, सतगुरू संगती से आप।
एक जीव हे, एक नाम हे, एक ही सतगुरू प्यारा,एक अजर हे, एक अमर हे, एक ही हे साहेब सारा।
एक सुखो का सागर साहेब, नाम हे पालन हारा।
साहेब तेरी साहेबी घट घट रही समाय,ज्यो पेड और पात मे एक रस समाय।
एक माता, एक, पिता हे,एक चकोर का आधार(चांद),एक प्रथ्वी, एक गगन हे,एक चंद्रमा न्यारा।
एक ही सुरज चमके गगन मे,फैलाए उजयारा।
साहेब का नाम(उपदेश/मंत्र) हे तारनहारा।
मन को तो मक्का,दिल मथुरा, काया काशी जानौ, दस द्वार के ईस मंदिर मे, प्रेम की ज्योती जलाओ।
ईश्वर का अंश ये जीव अवीनाशी,ईसी मे काबा ईसी मे काशी।
जल मे रहती हे जे मीन प्यासी,उसी मे रहती फिरभी न(पानी) पाती।
ईसी एक मय श्रष्टी हे सारी, यही हे मुक्ती की वो धारा।
कोटी नाम(मंत्र) हे संसार मे,जीनसे मुक्ती न होवे, मुल नाम जो गुप्त था, बतावे सदगुरू(रामपाल जी) वही,।
नही तो साधक साधे, साध ना पावे, बीते जीवन सारा।
एक नाम(सत नाम) तू साधले प्राणी, छोड अनेक वीचारा,।
एक ही साधे सब सध जाते,साधो सदगुरु द्वारा।
हमे मिल जाएगा किनारा,मेरा साहेब हे सब का सहारा।
है तीनो लोक मे न्यारा,हम उसके है, वो हे हमारा।
साहेब का नाम(मंत्र) हे, तारनहारा,ईसी मे जीवन का सुख सारा।
जय बन्दी छौड की
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