Sat kabir duare ek dass bhikhari aaya hai - SOCIAL MEDIA NEWS LATEST NEWS UPCOMING MOVIES MOVIE REVIEVS

Breaking

Sunday, 19 October 2014

Sat kabir duare ek dass bhikhari aaya hai

सत कबीर द्वारे तेरे पर, इक दास भिखारी आया है ।भक्ति की भिक्षा दे दीजो, उम्मीद कटोरा ल्याया है ।। टेकतजे नरसी वाले ठाठ नहीं, मैं धन्ना जैसा जाट नहीं ।मेरी मोरध्वज सी सांठ नहीं, जिसने लड़का चीर चढाया है ।।शेख फरीद जैसा तप नहीं, मेरा बालमीक जैसा जप नहीं ।मंसूर सी अनलहक नहीं, जिसने टुकड़े शरीर करवाया है ।।ध्रुव जैसे आस नहीं, प्रहलाद जैसा विश्वास नहीं ।मीरा जैसा रास नहीं, जिसने रूह अरु नाच रिझाया है ।।रंका बंका जैसा त्याग नहीं, मेरा बजीद जैसा बैराग नहीं ।करमा जैसा भाग नहीं, जिसका आन खीचड़ा खाया है ।।विदुर विदुरानी जैसा सम्मान नहीं, मैं सम्मन जैसा यजमान नहीं ।सेऊ ज्यो कुर्बान नहीं, जिसने शीश तो लेखे लाया है ।।मार्कंडेय जैसा ऋषि नहीं, मैं सुखदेव जो इन्द्री कसी नहीं ।ये माया भी मन में बसी नहीं, जबसे ज्ञान तेरा समाया है ।।धर्मदास जैसा भक्ति सेठ नहीं, मेरा जीवा-दत्ता जैसे उलसेठ नहीं ।पीपा जैसा ढीठ नहीं, जिसने दरिया बीच बुलाया है ।।दिया द्रौपदी जैसा लीर नहीं, कोई बनया भजन में शीर नहीं ।मेरी भीलनी जैसी धीर नहीं, जिसने बन के बीच घुमाया है ।।साम्भर में दादूदास मिले, फिर नानक को कर ख्यास मिले ।सुल्तानी को हो खवास मिले, जिसका बिस्तर झाड़ बिछाया है ।।अर्जुन सर्जुन ने पहचान लिए, छुडानी में दर्शन आन किये ।ये रानि-नंदन उन जान लिए, बलराम पिता जनाया है ।।संतोष दास को पार किया, बनखंडी का उद्धार किया ।इक भूमड भक्त से प्यार किया, जो शरना तेरी आया है ।।छुडानी में निर्वान होया, फिर सहारनपुर परमान होया ।घीसा संत खेखड़े आन होया, जहां जीता दास चेताया है ।।गणिका जैसे पाप किये, और अजामेल से आघात किये ।साथ किस विधि ये नाथ लिए, समदर्शी फ़र्ज़ निभाया है ।।मात पिता और बंधू आए, माया जोडन खूब सिखाये ।भक्ति के ना लारा लाये, उल्टा ही पाठ पढाया है ।।जवानी के होती जात नहीं, कोई मिल्या भजन में साथ नहीं ।मेरी सुनीति सी मात नहीं, जिसने बेटा भक्त बनाया है ।।पांचो विकार सताते हैं, मन चाहा नाच नचाते हैं ।हे साहिब हम ना बच पाते हैं, माया ने जाल बिछाया है ।।स्वामी रामदेवानंद जैसा संत नहीं, मैं भक्तों जैसा भक्त नहीं ।रामपाल को चाहिए जगत नहीं, इक तेरा ही शरना चाहा

No comments:

Post a Comment