इस रोग में यूरिन बार-बार होती है और उसकी मात्रा बढ़ जाती है. इसमें ब्लड और यूरिन में शुगर भी आ जाती है. इस बीमारी में किसी भी तरह की चोट या घाव भी बहुत धीरे-धीरे ठीक होते हैं. कभी-कभी वे सड़ने भी लगते हैं.
डायबटीज की बीमारी बढ़ने पर भूंख कम लगना, कमजोर होते जाना, पैरों में सूजन, कामवासना बढ़ना, क्षय, खांसी, फेफड़ों में सूजन, बहुत ज्यादा यूरिन होना आदि लक्ष्ण पाए जाते हैं.
सबसे पहले मैं कहना चाहूँगा कि डायबटीज एक गंभीर रोग होता है और जो भी अभी आपकी एलोपैथी की दवाई चल रही हैं, उन्हें किसी भी स्थिति में एक दम से डॉक्टर की सलाह के बिना बंद न करें.
डायबटीज की बीमारी में पेन्क्रियाज ग्रंथि अक्रियाशील हो जाती है, जिससे शरीर में इन्सुलिन बनना बंद हो जाता है और डायबटीज की बीमारी हो जाती है. आपकी पेन्क्रियाज ग्रंथि को रिएक्टिवेट करने के लिए किसी अच्छे योगाचार्य के मार्ग दर्शन में साल में एक बार शंख-प्रक्षालन करें या हर तीन माह में लघु शंख प्रक्षालन करें. इससे आपकी पेन्क्रियाज ग्रंथि पुनः एक्टिव होना शुरू हो सकती है.
इस बीमारी के उपचार के लिए कई लोग आपको कई तरह के घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे बतायेगे और कहेंगे कि 20 वर्षों से डायबिटीज झेल रहा कोई एक बुजुर्ग इन नुस्खों से आज पूर्णतः इस रोग से मुक्त होकर सामान्य आहार ले रहा है और मिठाई भी खा रहा है. लेकिन इस बीमारी में ये सब प्रयोग खतरनाक हो सकते हैं. अतः इस तरह की प्राणघातक गलती न करें.
इस बीमारी के उपचार के लिए आपकी एलोपैथी की दवाई के साथ निम्न दवाई भी शुरू कर दें -
1. आप जो भी दवाई अभी चल रही हो, उसके साथ ही HSL कम्पनी की होम्योकाम्ब नं. 73 की दो गोली दिन में चार बार लें
2. HSL कम्पनी की DROX 7 की 20 बूँद आधा कप पानी से खाना खाने के 15 मिनिट पहले लें.
3. साथ ही बायो काम्ब नं. 7 की छः गोली दिन में चार बार लम्बे समय तक लें. शुगर लेवल कम होने पर एलोपैथी की दवाई को धीरे-धीरे कम कर सकते हैं.
4. सबसे पहले आप सुबह 7 बजे कुल्ला करके सल्फर 200 को, फिर दोपहर को आर्निका 200 और रात्रि को खाने के एक से दो घंटे बाद या नौ बजे नक्स वोम 200 की पांच-पांच बूँद आधा कप पानी से एक हफ्ते तक ले, फिर हर तीन से छह माह में तीन दिन तक लें.
साथ ही आपके स्वास्थ्य से सम्बंधित इन बातों पर भी विचार करें -
• क्या आप आपकी किसी भी गंभीर बीमारी से बचना चाहते हैं,
• क्या आप इन बीमारियों से अपने बच्चों और परिवार को भी बचाना चाहते हैं,
• साथ ही अपने शरीर की इम्यूनिटी पावर बढ़ाना चाहते हैं,
• अन्य कई गंभीर बीमारियों से भी अपने आपको और अपने परिवार को बचाना चाहते हैं;
• तो नियमित रूप से अपने पूरे परिवार व बच्चों के साथ अपने शरीर की निम्नानुसार ओवरहालिंग और रिचार्जिंग करते रहें –
हमेशा स्वस्थ रहने के लिए जो भी व्यक्ति निम्नानुसार नियमित रूप से अपने शरीर की ओवरहालिंग और रिचार्जिंग करता रहता है और खान-पान और एक्सरसाइज भी बताये करता है, तो उसे कभी भी डिप्रेशन, कैंसर, डायबटीज, ह्रदय रोग, लिवर रोग, किडनी फेल्यर, टी.बी., फेफड़े के रोग, चर्म रोग आदि गंभीर बीमारी नहीं होगी और फिर वह आजीवन सपरिवार सुखी, स्वस्थ, प्रसन्न और खुशहाल रह सकेगा -
1. सबसे पहले आप सुबह 7 बजे कुल्ला करके सल्फर 200 को, फिर दोपहर को आर्निका 200 और रात्रि को खाने के एक से दो घंटे बाद या नौ बजे नक्स वोम 200 की पांच-पांच बूँद आधा कप पानी से एक हफ्ते तक ले, फिर हर तीन से छह माह में तीन दिन तक लें.
2. साथ ही इसके दो हफ्ते बाद हर 15 दिन में सोरिनम 200 का मात्र एक-एक पांच बूँद का डोज चार बार तक ले, ताकि आपके शरीर के अंदर जमा दवाई और दूसरे अन्य केमिकल और पेस्टीसाइड के विकार दूर हो सकें और आपके शरीर के सभी ह्रदय, फेफड़े, लीवर, किडनी आदि मुख्य अंग सुचारू रूप से कार्य कर सकेंगे. बच्चों और ज्यादा वृद्धों में ये सभी दवा 30 की पावर में दें.
3. अगर कब्ज रहता हो, तो होम्योलेक्स या HSL कम्पनी की होम्योकाम्ब नं. 67 की एक या आधी गोली रोज रात एक सफ्ताह तक 9.30 बजे लें.
4. आप सुबह दो से चार गिलास कुनकुना पानी पीकर 5 मिनिट तक कौआ चाल (योग क्रिया) करें.
5. पांच या अधिक से अधिक दस बार तक सूर्य नमस्कार करें. साथ ही 200 से 500 बार तक कपाल-भांति करें. फिर प्राणायाम करें.
6. रोज सुबह और रात को 15-15 मिनिट का शवासन भी करें.
7. फिर एक घंटे बाद नारियल पानी लें.
8. सुबह और शाम को अगर संभव हो, तो एक घंटा अवश्य घूमें.
9. रात को सोते समय अष्टावक्र गीता में बताये अनुसार दो मिनिट के लिए “मैं तीन लोक का चैतन्य सम्राट ही हूँ” का जाप करें.
10. उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव के मिलाकर बने चुम्बकित जल को लगभग 50 मिलीलीटर की मात्रा में रोज दिन में 3 बार उपयोग करें.
11. रोज सुबह चुम्बकों को हथेलियों पर 15 मिनिट से
Posted via Blogaway
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